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कोरोना वायरस से लड़ने में यूके से आखिर कहाँ हुई गलती

जहाँ कोरोना ने पूरी दिनया को अपने जाल में जकड रखा है वहीँ यूके जैसे देश भी इससे अछूते नहीं रहे हैं ,हर दिन बढ़ता मौत का आंकड़ा विकसित देशों को घुटने के बल ला चूका है और हर बढ़ते दिन के साथ ये लड़ाई और भी मुश्किल होती जा रही है |
कोरोना वायरस से लड़ते हुए यूके ने हर दिन १००,००० टेस्टिंग ,अप्रैल के अंत तक ,प्रतिदिन करने का लक्ष्य रखा है जबकि सरकारी आंकड़े के अनुसार अभी सिर्फ ५२००० टेस्टिंग ही हो पा रही है टेस्टिंग का आंकड़ा न छू पाना ही यूके की असफलता नहीं है ,यूके में अब पूरे यूरोप में कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा २६००० से भी अधिक मौत हो चुकी है जो की यूके के लिए सबसे चिंता का विषय है

British Prime Minister Boris Johnson (C), Chief Medical Officer for England, Chris Whitty (L) and Government Chief Scientific 

 

हर दिन खबर आ रही है की पीपीई किट की कमी चलते फ्रंट लाइन डॉक्टर्स ,नर्से जोखिम उठा रहे हैं जब भी वो काम पर जा रहे हैं यूके की हेल्थ सर्विस ने फिलहाल कोरोना से लड़ने में अच्छी मेहनत करी है लेकिन यूके को इटली को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ना है जहाँ इटली में हेल्थ सेक्टर टॉप क्लास का रहा था और वायरस की जंग ने उसको भी घुटने पर ला दिया है |

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